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बड़ी खबर: गिरीश शर्मा मौत प्रकरण में पूर्व थानाध्यक्ष राजेश जोशी दोषी करार, जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने की विभागीय कार्रवाई की संस्तुति
उत्तराखंड:
उत्तराखंड पुलिस महकमे से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। चर्चित गिरीश शर्मा मौत प्रकरण में जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पुलिस उपनिरीक्षक व चोरगलिया के पूर्व थानाध्यक्ष राजेश जोशी को उत्पीड़न एवं घोर लापरवाही का दोषी करार दिया है। इसके साथ ही प्राधिकरण ने दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की संस्तुति (सिफारिश) भी कर दी है।
मुख्यमंत्री धामी के नाम का डर दिखाने का आरोप
सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस पूरे मामले में एक बेहद गंभीर बात भी उजागर हुई है। आरोप है कि यह पुलिस अधिकारी अन्य पीड़ितों को डराने, धमकाने और उन पर फर्जी मुकदमा दर्ज करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम का डर दिखाता था। मुख्यमंत्री के नाम की आड़ लेकर लोगों को प्रताड़ित करने वाले इस पुलिस अधिकारी पर अब कानून का शिकंजा कसता नजर आ रहा है।
मामले के मुख्य बिंदु:
दोषी अधिकारी: पुलिस उपनिरीक्षक व पूर्व थानाध्यक्ष चोरगलिया, राजेश जोशी।
मुख्य मामला: गिरीश शर्मा मौत प्रकरण में गंभीर उत्पीड़न और घोर लापरवाही बरतना।
प्राधिकरण का एक्शन: जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण द्वारा मामले की जांच के बाद अधिकारी को दोषी पाया गया और विभागीय स्तर पर कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की गई।
गंभीर आरोप: पीड़ितों को डराना-धमकाना, फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी देना और मुख्यमंत्री के नाम का भय दिखाना।
क्या पुलिस विभाग और मुख्यमंत्री करेंगे तत्काल कार्रवाई?
प्राधिकरण द्वारा दोषी करार दिए जाने और विभागीय कार्रवाई की संस्तुति के बाद अब सबकी नजरें शासन और प्रशासन पर टिक गई हैं। जनता के बीच अब यह बड़ा सवाल तैर रहा है कि क्या उत्तराखंड पुलिस विभाग और सूबे के मुख्यमंत्री इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उक्त दोषी पुलिस अधिकारी पर तत्काल और दंडात्मक कार्रवाई करेंगे?
पीड़ित परिवार और समाज के विभिन्न वर्ग अब इस मामले में जल्द से जल्द न्याय और सख्त एक्शन की उम्मीद कर रहे हैं।
इस मामले से जुड़ी हर पल की अपडेट और उत्तराखंड की तमाम बड़ी खबरों के लिए बने रहिए ‘तहलका न्यूज़’ के साथ। पोस्ट को शेयर कर न्याय की इस मुहिम को आगे बढ़ाएं









